Saturday, 2 February 2008

हँसी और ठहाके

एक बार, एक प्रेमी-प्रेमिका एक साथ यात्रा कर रहे थे, नीचे वाली सीट पर बैठकर प्रेम की बाते कर रहे थे। प्रेमिका ने प्रेमी से बोला, “मेरे को हाथ मे दर्द है।” प्रेमी ने हाथ को चूमकर बोला, अब ठीक हो जाएगा। फिर थोड़ी देर मे प्रेमिका ने दोबारा बोली, “मेरे गाल मे दर्द है।” प्रेमी ने गाल को चूमकर, कहा “अब ठीक हो जाएगा”। इतनी देर मे ऊपर वाली सीट से एक बुड्डा बोला :

“बेटा, पाइल्स(बावासीर) का भी इलाज करते हो क्या?”

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एक बार अटलबिहारी, मुशर्रफ़, मल्लिका शेरावत और मार्गरेट थेचर, एक साथ ट्रेन मे सफ़र कर रहे थे। ट्रेन एक सुरंग के अन्दर से गुजरी, घना अन्धेरा छा गया। अटल को पता नही क्या सूझी, उसने अपने हाथ को चूमकर एक जोरदार आवाज निकाली और एक जोरदार झापड़ मुशर्रफ़ के रसीद कर दिया। सभी ने झापड़ की आवाज को सुना। ट्रेन जब सुरंग से बाहर निकली, सबने देखा, मुशर्रफ़ अपने गाल को सहला रहा था, सभी ने अलग अलग सोचा:

मुशर्रफ़ सोच रहा था, अटल ने मल्लिका को किस किया होगा, गलती से झापड़ मुझे पड़ गया।
मल्लिका सोच रही थी, हो सकता है मुशर्रफ़ ने मेरे को किस करने के चक्कर मे मार्गरेट थैचर को किस कर दिया हो इसलिए पिटा।
मार्गरेट सोच रही थी, ये मुशर्रफ़ भी ना, गलत जगह हाथ डाल देता है, मुझे किस करता तो, कम से कम, झापड़ तो ना पड़ता ।
अटलबिहारी सोच रहे थे : अबकि बार सुरंग आएगी तो फिर से करूंगा।”


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संतासिंह ट्रेन के लाइनमैन की नौकरी के लिए इन्टरव्यू देने गया। उससे पूछा गया:
इन्टरव्यूवर : संतासिंह मान लो तुम्हे पता चलता है कि तुम्हारे ट्रेक पर दो रेलगाडियां विपरीत दिशा से आ रही है और उनमे टक्कर होने वाली है तो तुम क्या करोगे?
संतासिंह: मै किसी एक ट्रेन को दूसरी लाइन पर स्विच कर दूंगा।
इन्टरव्यूवर : अगर लीवर काम नही कर रहा हो तो?
संतासिंह: तो मै हाथ से लीवर को खींचने की कोशिश करूंगा।
इन्टरव्यूवर :अगर वो भी काम नही किया तो?
संतासिंह: मै दोनो तरफ़ के स्टेशन मास्टर को खबर करूंगा।
इन्टरव्यूवर :अगर फोन भी काम नही कर रहा हो तो?
संतासिंह: मै लाल कपड़ा लेकर ट्रेक पर खड़ा हो जाऊंगा।
इन्टरव्यूवर : अगर उस समय कोई लाल कपड़ा नही मिला तो?
संतासिंह: फिर मै अपनी बीबी प्रीतो, को बुलाऊंगा।
इन्टरव्यूवर :क्यों क्या वो कोई इन्जीनियर है?
संतासिंह: नही, उसने कभी रेलगाड़ियों की टक्कर नही देखी ना।

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रेल के डिब्बे में एक सज्जन ने अपने सामने वाले व्यक्ति को चुपचाप बैठे
देखकर बातचीत करने के इरादे से कहा- भाई साहब आपका रूमाल नीचे
गिर गया है।
इस पर उस व्यक्ति ने कहा- मेरा रूमाल गिर गया है, इससे आपको क्या
मतलब? आपका कोट सिगरेट से जल रहा है, पर मैंने तो कुछ नहीं कहा।

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एक यात्री ने ट्रेन मे दारू पीते पीते, सामने बैठे सरदार यात्री से पूछा,
आप दारू पीते है?
सरदारजी बोले, “ये सवाल है या निमन्त्रण?”
अगर सवाल है तो मै नही पीता, और यदि निमन्त्रण है तो लगाओ गिलास”

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बांकेलाल (प्यारेलाल से)- यार मैं सोचता था कि इस दुनिया में सिर्फ मैं ही उल्लू हूं।
प्यारेलाल (बांकेलाल से)- क्यों क्या हुआ?
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- कल मैंने अपनी पत्नी को कश्मीरी सेब लाने को कहा था।
प्यारेलाल (बांकेलाल से)- तो क्या हुआ?
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- आज कश्मीर से फोन आया कि उसने सेब खरीद लिए है।

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यात्री (रेल के गार्ड से)- ‘मैं चाय पीना चाहता हूं। कोई ऐसा उपाय बताइए कि मेरे आने तक गाड़ी न चले।‘
गार्ड (मुस्कराकर)- ‘बड़ा सरल उपाय है। मुझे भी अपने साथ ले चलिए।‘

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एक पार्क में तीन सुन्दर कन्याएं घास पर बैठकर बातें कर रही थी । उनमें से एक अंधी थी, दूसरी लंगडी और तीसरी गंजी । एकाएक अंधी ने जोर से कहा, ''वाह ! कितना सुन्दर फूल खिला है वहाँ पर !


लंगडी ने जवाब दिया, ''रुक, मैं अभी दौडकर फूल तोड लाती हूँ।



गंजी फटके से बोली, ''लाकर मेरे सिर पर लगा देना।


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फुटपाथ पर भीड थी । पहलवान अपने दिलचस्प कारनामों को दिखाकर बेशुमार

तालियाँ बटोर रहा था। उसका अगला कारनामा था - 'नीबू निचोड - ....

उसने पूरी ताकत लगाकर इस कदर नीबू को निचोड डाला, कि उसमें रस का एक कतरा भी नहीं बचा। उसने सबको चैलेंज किया - तुममें से अगर कोई इस नीबू से अब एक बूँद भी निकाल कर बता देगा, तो मैं आजीवन उसकी गुलामी करूँगा।

भीड में से एक दुबले से सज्जन निकले और नीबू हाथ में लेकर उन्होंने एक नहीं, पाँच बूँदें टपका दीं । यह देख पहलवान पसीना-पसीना होकर बोला - 'भाई ! आप कौन है?


सज्जन बोले - 'जी....इनकम टैक्स ऑफिसर ।


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नर्सों की नियुक्ति के इंटरव्यू में पूछा गया - जुडवाँ बच्चे किस वजह से पैदा होते हैं?

एक उम्मीदवार लजाकर बोली - उसी वजह से, जिस वजह से एक बच्चा पैदा होता है।



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बेटी (अपनी मां से)- मां, मैं अमर से शादी नहीं करुंगी।


मां- क्यों बेटी, क्या तेरी नजर में कोई और है?


बेटी- हां मां, लेकिन अभी फैसला नहीं किया है।


मां- क्या कोई परेशानी है?


बेटी- मां, मेरे प्रेमी को तो स्वर्ग-नरक में विश्वास ही नहीं है।


मां- घबरा मत बेटी, तू पहले उससे शादी कर ले। शादी के बाद उसे अपने आप स्वर्ग- नरक में विश्वास हो जाएगा।


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समुन्दर तट पर घूमने के बाद एक बच्चा अपने मां-बाप के पास पहुंचा तो पिता ने कहा- इतनी देर से तुम कहां थे ? तुम्हें भूख लगी होगी, चलो किसी होटल में खाना खाते हैं।
बच्चे ने कहा - मुझे तो बिल्कुल भूख नहीं है, मैं चार पैकेट बिस्कुट और पांच कप आइसक्रीम खा चुका हूं।
पिता ने पूछा - वो कैसे ? तुम्हारे पास पैसे कहां से आये?
बच्चे ने कहा - पैसों की जरूरत नहीं पड़ी, मैं तो बस यूं ही इधर-उधर रोता हुआ भटकता फिर रहा था जैसे अपने मां-बाप से बिछड गया हूं।


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पंडिताइन ने अपनी नववधु से कहा कि जरा खटिया ठीक कर दो। पण्डितजी जीमने जा

रहे है आकर तुरंन्त लेटेंगे। बहु दहाडें मार-मार कर रोने लगी। सास से पूछा कि क्यों रो रही है।

बहु ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे कैसे भुक्खड घर में दे दिया जिन्हें यजमान के यहां

जीमना भी नहीं आता। हमारे यहां पिताजी जब जीमने जाते हैं तो खटिया साथ जाती है

और जीमने के बाद चार आदमी खटिया पर ही घर लाते हैं। खुद चल कर घर आ गये

तो फिर जीमना क्या हुआ!

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एक साहब ने अपने दोस्त से कहा - क्यों भई, तुम्हारे घर में तो नौकरानी थी। पहले

वही कपड़े धोती थी, आज तुम कैसे खुद कपड़े धो रहे हो?


मैंने उससे शादी कर ली है। दोस्त ने जवाब दिया।

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ग्राहक ने होटल के बेयरे से कहा- मैं तुमसे साफ-साफ कह देता हूं कि मैं इस कमरे में नहीं रह सकता।
क्या तुमने मुझे जानवर समझ रखा है, जो इस कबाडखाने में ठहरा रहे हो, जिसमें केवल एक स्टूल पड़ा हुआ है।
शायद तुम यह समझते हो कि मैं पहली बार शहर आया हूं, इसलिए तुम मुझे उल्लू बनाने की कोशिश कर रहे हो।


बेयरा तनिक झुंझलाकर बोला - जनाब, यह आपका कमरा नहीं लिफ्ट है।

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एक ही चाल में रहने वाली सात स्त्रियों में झगडा हो गया और इस सीमा तक बढा कि

मामला अदालत तक जा पहुंचा। जब मुकदमें में आवाज लगी तब सबने जज के सामने

भीड लगा ली, और अपनी-अपनी कहने लगीं। कुछ क्षणों के लिए जज भी बौखला

गया।


स्त्रियों की चीख-पुकार वहां मचती रही।


आर्डर-आर्डर ! जज ने हथौडा कई मेज पर मारा।


जब शांति हो गई, तब जज ने कहा - सबसे पहले, सबसे अधिक आयु की स्त्री

अपनी बात सुनाये।


और मुकद्दमा समाप्त हो गया।

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एक युवती अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने डॉक्टर के पास गई। डॉक्टर ने उसका चेकअप किया और कहा कि आप अपने पति को बता दीजिए कि वह पिता बनने वाले हैं।


'लेकिन मेरी तो शादी ही नहीं हुई। युवती ने जवाब दिया।


'तो ठीक है, आप अपने मित्र को बता दीजिए कि वह पिता बनने वाला है।


'मेरा कोई मित्र भी नहीं है।


'तो आप अपने पड़ोसी को बता दीजिए।


'मेरा कोई पड़ोसी भी नहीं है।


डॉक्टर झुंझला गया। बोला, 'ठीक है। आप अपनी मां को बता दीजिए कि ईसा मसीह दोबारा आने वाले हैं।

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मुंबई की एक बस में कुछ लोग सफर कर रहे थे, जब कंडक्टर टिकट देने को आया तो एक ने पैसे निकालते हुए कहा - हाजी अली।

दूसरे ने कहा - सेंट जोजफ।


एक देवीजी बोलीं - महालक्ष्मी।


पिछली सीट पर एक ऐसे साहब बैठे हुए थे, जो मुंबई में नए-नए आए थे।


जब कंडक्टर उनके पास आया तो वे बोले - मेरा नाम हमीद अली है।

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दो दोस्त बहुत अर्से बाद एक-दूसरे से मिले।


एक ने पूछा- सुनाओ आजकल कैसी कट रही है।


खाक कट रही है, बेकार हूं, सरला भी कटी पतंग की तरह इधर-उधर डोलती फिरती है। लेकिन तुम सुनाओ?


खूब मजे से कट रही है। दूसरे ने कहा- आजकल मैं कटी पतंगें लुटता-फिरता हूं।

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आप परेशान क्यों हैं?


मैंने एक ऐसी दवा तैयार की थी, जिसे प्रयोग करने पर 50 वर्ष की महिला भी 25 वर्ष

की लगने लगती है।


तो इसमें परेशानी वाली क्या बात है? खूब बिकी होगी?


अरे, भला कौन महिला अपनी उम्र 50 वर्ष कबूल करेगी? सो, मेरी दवा नहीं बिकी।

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गुड्डूजी ने खेल खेल मे अपने मामा को चपत लगा दिया। गुड्डूजी की मम्मी ने गुस्से से पूछा 'अपने मामा को चपत लगाते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई?

गुड्डूजी बोले - 'मम्मी, मैंने तो चपत भर लगाई है। भगवान कृष्ण ने तो अपने मामा को जान से ही मार डाला था।

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पापा बोले- 'बेटी, पिकनिक पर जरूर जाओ, पर अंधेरा होने से पहले घर जरूर लौट आना।


युवा बेटी ने कहा- 'ओह पापा! अब मैं कोई बच्ची थोडे ही हूं।


पापा बोले- 'बेटी, इसलिए तो कह रहा हूं।

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क्लब में ताश का खेल हो रहा था। एक खिलाडी ने अपनी घडी देखी और पत्ते फेंक दिए।

क्या हुआ? दोस्तों ने पूछा।


मैं चला। आज ठीक आठ बजे पंडित रामलाल का टेलीविजन पर सितार वादन का प्रोग्राम है, मुझे ठीक आठ बजे पहुंचना है।


हमें नहीं मालूम था कि तुम संगीत के इतने बडे प्रेमी हो।


मैं संगीत का नहीं, पंडित रामलाल की पत्नी का प्रेमी हूं।


मुझे ठीक आठ बजे पंडित रामलाल के घर पहुंचना है।

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एक बार एक अंग्रेज हिन्दुस्तान में आया उसने एक दुकानदार से कहा कि मुझे आप

हिन्दी सिखाओ। मैं आपके यहां नौकरी करुंगा।

उसने कहा मेरे पास एक सेब (एप्पल) की दुकान है। यहां जो भी ग्राहक आता है वो तीन चीजें बोलता है

पहली-'सेब क्या भाव हैं?

दूसरी- 'कुछ खराब हैं

और तीसरी-'मुझे नहीं लेने।

इसके बाद दुकानदार ने अंग्रेज को बताया इनके जवाब में उसको बोलना है

तीस रुपये किलो। फिर कहना है

कुछ-कुछ खराब हैं और जब ग्राहक चलने लगे तो उस कहना तुम नहीं ले जाओगे तो

कोई और ले जायेगा।

थोडी देर बाद दुकान पर एक लड़की आई।

उसने पूछा- रेलवे स्टेशन कौनसा रास्ता जाता है?

अंग्रेज ने कहा तीस रुपये किलो।

लड़की ने कहा- तेरा दिमाग खराब है। अंग्रेज ने कहा-कुछ-कुछ खराब है।

लड़की ने कहा-तुझे थाने लेकर जाना पड़ेगा।

अंग्रेज ने कहा-तुम नहीं ले जाओगे तो कोई और ले जायेगा। हम तो खड़े ही इस काम के लिए हैं।

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एक दोस्त दूसरे दोस्त से- तो फिर तुमने वाकई उस लड़की से शादी करने का फैसला कर ही लिया।


दूसरा दोस्त(निराशा से)- हां यार, क्या करुं मजबूरी है।


पहला दोस्त(आश्चर्य से)- क्यों, मजबूरी किस बात की है?


दूसरा दोस्त- अरे यार, वह इतनी मोटी हो गई है कि मंगनी की अंगूठी अब उसके हाथ से उतरती ही नहीं।

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एक पियक्कड का दावा था कि वो आंख बंद करके न केवल किसी पेय का ब्रांड

बल्कि उसके उत्पादक का नाम भी बता सकता है। उस पियक्कड की आंख पर पट्टी

बांधी गई और उसके सामने गिलास रखा गया।


पहला गिलास पीकर वह बोला : हैवर्ड की ओल्ड टवर्न।


दूसरा गिलास : मोहन मीकिन की डिप्लोमेट।


तीसरा गिलास : यूबी की किंग फिशर।


उसकी बातों से लोग बडे प्रभावित हुए। अब उसके सामने अंतिम गिलास रखा गया।

वह अंतिम गिलास पीकर बोला : अरे ये तो यूरिन है।


इस पर एक दर्शक बोला : वो तो हमें भी पता है। आप तो इसके उत्पादक का नाम बताओ।

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एक फौजी अफसर ने मेज पर रखे हुए बिस्कुट के डिब्बों की तरफ इशारा करते हुए अपने सिपाहियों से कहा - जवानो, इन पर इस तरह टूट पड़ो, जैसे लडाई में दुश्मन पर टूटते हैं।


यह सुनते ही सिपाही बिस्कुटों पर टूट पड़े और उन्हें खाने में जुट गए। लेकिन एक सिपाही कुछ बिस्कुट खाता, कुछ अपनी जेब में रखता जा रहा था। अफसर ने उसे देख लिया।


पूछा - नौजवान, ये क्या कर रहे हो?


दुश्मनों को कैदी बना रहा हूं सर- जवान ने जवाब दिया।

धन्यवाद

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